अनुज कुमार वर्मा
ब्यूरो –सिद्धि टुडे, उन्नाव
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में सरकारी अस्पताल की बदहाली अब व्यवस्था की विफलता से आगे बढ़कर अराजकता की तस्वीर पेश कर रही है।
अस्पताल परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाना एक जागरूक नागरिक को भारी पड़ गया। आरोप है कि वहां तैनात सुरक्षा गार्ड ने न केवल बदतमीजी की सारी हदें पार कीं, बल्कि व्यक्ति का मोबाइल फोन भी जबरन छीन लिया।
घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों का कहना है कि अस्पताल में तैनात कुछ गार्ड खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं और सरकारी अस्पताल को मानो “गुंडई का अड्डा” बना दिया गया है। इलाज के लिए आने वाले मरीज पहले ही अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं, ऊपर से इस तरह का व्यवहार आम जनता को डराने का काम कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी अस्पताल में गंदगी पर सवाल उठाना अपराध बन चुका है? और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में दोषी गार्ड पर कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला भी सिस्टम की फाइलों में दबा दिया जाएगा?






























