47 हजार करोड़ का एक्सप्रेसवे तैयार, फिर भी आम जनता इंतजार में

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सचिन कुमार

ब्यूरो- सिद्धि टुडे, उन्नाव

नेताओं और अधिकारियों की गाड़ियां भर रहीं फर्राटा, उद्घाटन की तारीख पर सस्पेंस बरकरार

उन्नाव। प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे लगभग तैयार हो चुका है। एक्सप्रेसवे पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के वाहनों की आवाजाही भी लगातार देखी जा रही है, लेकिन आम जनता के लिए यह मार्ग आखिर कब खोला जाएगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। करीब 47 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह एक्सप्रेसवे वर्षों से लोगों की उम्मीदों का केंद्र बना हुआ है।

लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। मौजूदा हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या से परेशान लोगों को उम्मीद थी कि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद उनका सफर आसान और तेज हो जाएगा। लेकिन निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बावजूद उद्घाटन की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

सिर्फ वीआईपी वाहनों की आवाजाही

स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर एक्सप्रेसवे पर अधिकारियों और नेताओं के काफिले गुजरते दिखाई देते हैं। इससे यह संदेश जाता है कि सड़क उपयोग के लिए तैयार है, लेकिन आम नागरिकों को अभी भी इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। यही वजह है कि लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उद्घाटन में देरी क्यों हो रही है।

उन्नाव को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

लखनऊ और कानपुर के बीच स्थित होने के कारण उन्नाव जिले को इस एक्सप्रेसवे से सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। जिले के औद्योगिक विकास, व्यापारिक गतिविधियों और निवेश को नई गति मिल सकती है। साथ ही रोजाना नौकरी और कारोबार के लिए आने-जाने वाले हजारों लोगों का समय भी बचेगा।

यात्रा समय में होगी बड़ी कमी

विशेषज्ञों के अनुसार एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लखनऊ से कानपुर के बीच सफर वर्तमान की तुलना में काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। इससे ईंधन की बचत होगी और सड़क पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। हालांकि यह लाभ तभी मिलेगा जब परियोजना को जनता के लिए खोला जाएगा।

टोल और संचालन पर भी असमंजस

एक्सप्रेसवे पर टोल दरों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। अभी तक आम लोगों के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उद्घाटन और संचालन की तिथि स्पष्ट न होने के कारण यात्रियों और व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

जनता पूछ रही सवाल

●एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार होने के बाद भी उद्घाटन क्यों नहीं?

●आम वाहनों की आवाजाही कब शुरू होगी?

●टोल व्यवस्था को लेकर अंतिम फैसला क्या है?

●क्या किसी उच्चस्तरीय कार्यक्रम का इंतजार किया जा रहा है?

लोगों की निगाहें सरकार पर

उन्नाव, लखनऊ और कानपुर के नागरिक अब सरकार और संबंधित एजेंसियों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, उसका लाभ जल्द से जल्द आम जनता तक पहुंचना चाहिए।