उन्नाव जिला अस्पताल में बढ़ा डायरिया और वायरल बुखार का प्रकोप, बेडों की कमी से मरीज परेशान

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सचिन कुमार
ब्यूरो प्रमुख- सिद्धि टुडे,उन्नाव

उन्नाव। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले में डायरिया, वायरल बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका सबसे अधिक असर जिला अस्पताल में देखने को मिल रहा है, जहां ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। बढ़ते मरीजों के दबाव के कारण अस्पताल में बेडों का संकट गहरा गया है और कई मरीजों को एक ही बेड पर भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है।

शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1,242 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें लगभग 470 बच्चे भी शामिल रहे। डॉक्टरों के अनुसार सबसे अधिक मरीज डायरिया, वायरल बुखार, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, जुकाम और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं। बढ़ती संख्या के कारण फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञों के कक्षों के बाहर घंटों तक मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं।

इमरजेंसी में भी बढ़ा दबाव
अस्पताल की इमरजेंसी में डायरिया और वायरल बुखार के 27 मरीजों को भर्ती किया गया। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अस्पताल में बेड कम पड़ गए, जिसके चलते कई स्थानों पर एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज करना पड़ा। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

डॉक्टरों ने बताई बढ़ते मरीजों की वजह
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बृज कुमार तथा फिजीशियन डॉ. कौशलेंद्र प्रकाश के अनुसार तेज गर्मी, दूषित पानी, बाहर का अस्वच्छ भोजन और लू जैसी परिस्थितियों के कारण डायरिया, वायरल बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, स्वच्छ एवं ताजा भोजन करने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग सतर्क
बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा गंभीर मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।

सीएमओ की गाड़ी पर लगी लाल-नीली बत्ती चर्चा में
इसी बीच जिला अस्पताल पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की सरकारी गाड़ी पर लगी लाल-नीली बत्ती भी चर्चा का विषय बनी रही। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने नियमों के उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। इस पर सीएमओ ने बताया कि वह हाल ही में जिले में तैनात हुए हैं और यदि वाहन पर लगी बत्ती नियमों के अनुरूप नहीं है तो उसे हटवा दिया जाएगा।

स्वास्थ्य महानिदेशक ने किया निरीक्षण
शुक्रवार रात स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रात में एक्स-रे सुविधा उपलब्ध न होने की शिकायत सामने आई। इस पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए रात में भी एक्स-रे तकनीशियन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर जांच और उपचार मिल सके।
डॉक्टरों की अपील
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि तेज धूप में अनावश्यक बाहर न निकलें, उबला या शुद्ध पानी पिएं, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें और डायरिया, तेज बुखार या लगातार उल्टी-दस्त होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए समय पर इलाज ही गंभीर स्थिति से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।