सचिन कुमार
ब्यूरो प्रमुख-सिद्धि टुडे,उन्नाव
उन्नाव। शहर की प्रमुख सड़कों की बदहाली अब आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। नगर पालिका क्षेत्र के लगभग 10 प्रमुख मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में पड़े हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोकनगर, बंधूहार, बुद्धनगर, किशोरी खेड़ा, स्टेशन रोड, मुंशी खेड़ा, छब्बरिया कुआं समेत कई इलाकों की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
लोकनगर वार्ड-13 के अंतर्गत उन्नाव-हरदोई स्टेट हाईवे से जुड़ा लगभग 300 मीटर लंबा सड़क मार्ग लंबे समय से बदहाल है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग कई वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी तरह किशोरी खेड़ा मार्ग भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है। यह मार्ग स्टेट हाईवे को शहर के कई घनी आबादी वाले इलाकों से जोड़ता है। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश होने पर जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं।
शहर के अन्य प्रमुख मार्गों—स्टेशन रोड, मुंशी खेड़ा स्कूल मार्ग, पीतांबर नगर, छब्बरिया कुआं और बुद्धनगर क्षेत्र की सड़कें भी बदहाल हैं। इन सड़कों पर धूल, कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और व्यापारियों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापार पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय सड़क निर्माण और विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद समस्याओं की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। कई बार जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका प्रशासन से शिकायतें की गईं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के प्रस्ताव वर्षों से फाइलों में ही घूम रहे हैं।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि कुछ प्रमुख मार्गों के निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। बजट स्वीकृत होते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे वर्षों से यही आश्वासन सुनते आ रहे हैं और अब उन्हें जल्द कार्य शुरू होने का इंतजार है।
बरसात के मौसम में लगातार बिगड़ती सड़कें किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि शहर की सभी जर्जर सड़कों का तत्काल निर्माण एवं मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
मुख्य बिंदु
शहर की 10 प्रमुख सड़कें वर्षों से जर्जर।
लोकनगर, किशोरी खेड़ा, बंधूहार, बुद्धनगर सहित कई इलाके प्रभावित।
बरसात में जलभराव से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा।
स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी।
सड़क निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृति का इंतजार, नागरिकों ने शीघ्र कार्रवाई की मांग की।






























