उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका

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सचिन कुमार
ब्यूरो- सिद्धि टुडे, उन्नाव

उन्नाव रेप केस में दोषी पूर्व विधायक Kuldeep Singh Sengar को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने Allahabad High Court द्वारा दी गई सजा निलंबन राहत को रद्द कर दिया। अब सेंगर को फिलहाल जेल में ही रहना होगा और उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रहेगी।
देश के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले में कई संवेदनशील और कानूनी पहलू हैं, जिन पर गंभीरता से विचार जरूरी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने पहले ही हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी और अब सजा निलंबन के आधारों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
पीड़िता की उम्र को लेकर हुई बहस
सेंगर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने दलील दी कि पीड़िता नाबालिग नहीं थी और AIIMS मेडिकल बोर्ड की रिपोर्टें उनके पक्ष में हैं। वहीं सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सेंगर को IPC की धारा 376(1) के तहत उम्रकैद की सजा मिली है और मामला बेहद गंभीर है।
POCSO कानून और विधायक की भूमिका पर सवाल
सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि क्या किसी विधायक को POCSO कानून के तहत पब्लिक सर्वेंट माना जा सकता है। अदालत ने कहा कि बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए बने कानून की तकनीकी व्याख्या स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने माना कि प्रभावशाली पद पर बैठे व्यक्ति का पीड़ित पक्ष पर असर पड़ सकता है।
हाईकोर्ट को जल्द सुनवाई के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि मुख्य अपील की सुनवाई में देरी न की जाए। अदालत ने कहा कि यदि जल्द फैसला संभव न हो तो सजा निलंबन अर्जी पर नया आदेश पारित किया जाए। साथ ही शीर्ष अदालत ने साफ किया कि उसने मामले के मेरिट पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है।
राजनीतिक और कानूनी हलकों में बढ़ी हलचल
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उन्नाव रेप केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अदालत के रुख से यह संकेत मिला है कि गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी संवेदनशीलता और सावधानी के साथ आगे बढ़ाई जाएगी।