अनुज कुमार वर्मा
ब्यूरो –सिद्धि टुडे, उन्नाव
परिवारिक संबंधों में सौहार्द और प्रेम को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से परिवार परामर्श केंद्र में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन जोड़ों को सकुशल विदा किया गया, जिन्होंने केंद्र की सलाह और मार्गदर्शन से अपने आपसी मतभेद दूर कर पुनः साथ जीवन व्यतीत करने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम में केंद्र प्रभारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने सभी जोड़ों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और एक स्नेहपूर्ण कविता के माध्यम से परिवारिक एकता और प्रेम का संदेश दिया। उनकी कविता की पंक्तियाँ उपस्थित सभी लोगों के हृदय को छू गईं —
“जहां मनमुटाव थे, अब मुस्कानें हैं,
जहां दूरियां थीं, अब पहचानें हैं।
परिवार परामर्श केंद्र बना वो ठिकाना,
जहां टूटी डोर ने फिर साथ निभाना सीखा।”
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि परिवार समाज की सबसे मजबूत इकाई है, और संवाद ही इसका आधार है। यदि पति-पत्नी एक-दूसरे की भावनाओं को समझें तो कोई भी विवाद बड़ा नहीं रह जाता।
परामर्श केंद्र की समिति ने भी डॉ. आशीष के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सकारात्मक सोच और सहज व्यवहार से अनेक टूटते रिश्ते फिर जुड़ पाए हैं।
सभी विदा हुए जोड़ों ने परामर्श केंद्र के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा जीवन में नई शुरुआत का संकल्प लिया।






























