खबर का असर: अफवाहों पर सख्त जिलाधिकारी, पेट्रोल-डीजल व गैस की कालाबाजारी करने वालों पखबर र होगी कड़ी कार्रवाई

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अनुज कुमार वर्मा
ब्यूरो –सिद्धि टुडे, उन्नाव

पेट्रोल पम्प संचालकों, गैस एजेंसी स्वामियों व अधिकारियों के साथ डीएम की बैठक, शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी

जनपद उन्नाव में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों और एजेंसियों के बाहर लगी भीड़ की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने विकास भवन सभागार में पेट्रोल पम्प संचालकों, गैस एजेंसी स्वामियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधि और सप्लाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनपद में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन या गैस का भंडारण न करें।

डीएम ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी पेट्रोल, डीजल या गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, जमाखोरी या अफवाह फैलाने में संलिप्त पाई जाती है तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर कृत्रिम संकट का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सप्लाई विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो लगातार निगरानी करेगी।

जिलाधिकारी ने गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी केवल पंजीकृत उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी सत्यापन के बाद ही की जाए, ताकि कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लग सके।

साथ ही सभी गैस एजेंसियों और पेट्रोल पम्पों पर ईंधन व गैस की उपलब्धता से संबंधित सूचना बोर्ड और बैनर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे लोगों में किसी प्रकार का भ्रम न फैले।

कंट्रोल रूम नंबर जारी
जनपद में पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आम नागरिक टोल फ्री नंबर 8924095505 पर संपर्क कर 24 घंटे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा संबंधित तहसीलों के आपूर्ति निरीक्षकों से भी संपर्क कर समस्या का समाधान कराया जा सकता है।