अनुज कुमार वर्मा
ब्यूरो –सिद्धि टुडे, उन्नाव
जहां एक ओर पूरे प्रदेश में 15 अगस्त को लेकर साफ-सफाई व सजावट की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, वहीं दूसरी ओर उन्नाव जिले का सरकारी हॉस्पिटल लापरवाही की मिसाल पेश कर रहा है। अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर का हाल देख कर साफ महसूस होता है कि यह जगह इलाज से ज्यादा बीमारी फैलाने का केंद्र बन गई है।
मरीज और उनके तीमारदारों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। चारों ओर गंदगी, बदबू और जलभराव का आलम है। इमरजेंसी गेट पर जमा कचरा और गंदा पानी संक्रमण का खतरा बढ़ा रहा है। यही कारण है कि इलाज कराने आने वाले कई लोग स्वयं बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हॉस्पिटल प्रशासन सिर्फ कागजों पर सफाई दिखाता है। ज़मीनी स्तर पर हालात बेहद बदतर हैं। 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों के बीच जब पूरे शहर को चमकाने का दावा किया जा रहा है, उसी समय अस्पताल परिसर की इस लापरवाही ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि गंदगी और भीड़-भाड़ संक्रमण का बड़ा कारण बन सकती है। ऐसे में अगर तुरंत सफाई की ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो अस्पताल में आने वाले मरीजों की सेहत और बिगड़ सकती है।
जनता का सवाल है कि आखिर जिन अस्पतालों से स्वस्थ होने की उम्मीद रहती है, वे ही बीमारियों का घर क्यों बनते जा रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को तत्काल संज्ञान लेकर अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।






























