सर्वेश कुमार
सिद्धि संवाददाता, उन्नाव
प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ बार-बार गौवंश संरक्षण, आवारा पशुओं की सुरक्षा और सड़क हादसों को रोकने के निर्देश देते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। जिले में जिम्मेदार विभागों की लापरवाही ने सरकार की मंशा को ठेंगा दिखा दिया है।
गदन खेड़ा बाईपास स्थित कल्पना ट्रेडर्स के पास गौशाला से लगभग 200 मीटर की दूरी पर एक सुंदर सा गाय का बच्चा तड़प-तड़प कर सड़क पर दम तोड़ गया। बछड़ा काफी देर तक दर्द से कराहता रहा, लेकिन न गौशाला प्रबंधन पहुंचा और न ही प्रशासन की कोई टीम। यह दर्दनाक दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला प्रबंधन सिर्फ नाम मात्र का काम कर रहा है। आवारा पशु सड़कों पर खुलेआम घूमते हैं, जिससे न सिर्फ दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, बल्कि पशु कल्याण के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं।
लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकरण की गंभीर जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, गौशालाओं की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर सरकार के आदेशों का सही पालन सुनिश्चित किया जाए।
यह घटना एक सवाल छोड़ जाती है— आखिर कब बेजुबानों की आवाज़ सुनी जाएगी और कब प्रशासन संवेदनशील बनेगा?






























