उन्नाव प्रशासन और यातायात विभाग का नाम रोशन कर रहे दीवान राम प्रकाश: वर्दी में छिपा इंसानियत का चेहरा

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अनुज कुमार वर्मा
ब्यूरो –सिद्धि टुडे , उन्नाव

“अगर हर विभाग में एक राम प्रकाश हो जाए, तो सड़क पर कोई भूखा, बेसहारा और मजबूर नज़र नहीं आएगा।”

जब देश में व्यवस्था को लेकर निराशा फैलती है और आम जनता का भरोसा तंत्र से उठने लगता है, तब कहीं कोई एक ऐसा व्यक्ति सामने आता है जो अकेले ही इंसानियत को फिर से ज़िंदा कर जाता है।
आज हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश यातायात पुलिस विभाग में तैनात दीवान राम प्रकाश की — जिनका हाल ही में सामने आया एक वीडियो समाज में नई उम्मीद की रौशनी बन गया।

इस वीडियो में राम प्रकाश दीवान एक गरीब, लाचार व्यक्ति की मदद करते नजर आए। यह कोई दिखावटी अभियान नहीं था, न ही कोई प्रचार — यह एक खामोश करुणा थी, जो उनकी वर्दी के पीछे छिपे सच्चे इंसान की पहचान करवा गई।

इंसानियत का संदेश — वर्दी से नहीं, दिल से

आज जब पुलिसकर्मियों को लेकर समाज में तमाम तरह की भ्रांतियाँ हैं, उस माहौल में दीवान राम प्रकाश ने यह साबित कर दिया कि हर वर्दी के पीछे एक सच्चा इंसान भी होता है — जो न सिर्फ कर्तव्य निभाता है, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर एक अनजान की मदद के लिए भी खड़ा होता है।

उनके इस कार्य ने न सिर्फ यातायात विभाग का, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि “पुलिस सिर्फ कानून का प्रतिनिधि नहीं, मानवता की भी रक्षक हो सकती है।

सोचिए…
अगर हर विभाग में,
हर गली-कस्बे में,
हर समुदाय में
एक-एक दीवान राम प्रकाश जैसे लोग निकल आएं —
तो क्या किसी को भूखे पेट सोना पड़ेगा?
क्या कोई बेसहारा सड़कों पर जिंदगी गुज़ारेगा?
क्या कोई इंसान यूं ही उपेक्षित रह जाएगा?

शायद नहीं।

राम प्रकाश का यह कार्य केवल एक गरीब की मदद नहीं था —
यह मानवता के लिए एक आह्वान था।
उन्होंने यह दिखाया कि असली सेवा वही है जो किसी की आंखों में आंसू रोक सके।

सिद्धि टुडे की ओर से सच्चे सिपाही को सलाम

सिद्धि टुडे परिवार दीवान राम प्रकाश को नमन करता है और उनके इस प्रेरणादायक कार्य को सलाम करता है। उनका यह कदम इस बात का प्रमाण है कि जब वर्दी इंसानियत के साथ जुड़ जाती है, तब वह समाज में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।

हम यह लेख उन सभी भाइयों, बहनों और युवाओं तक पहुंचाना चाहते हैं जो समाज में परिवर्तन देखना चाहते हैं।
हमारा संदेश स्पष्ट है —
अगर आपके भीतर जरा भी संवेदना बाकी है, तो किसी एक के लिए ‘राम प्रकाश’ बनिए।

सिद्धि टुडे का प्रण

जो समाज की सेवा करेगा, इंसानियत को ज़िंदा रखेगा सिद्धि टुडे उसका साथ देगा, उसका सम्मान करेगा, और उसे समाज के सामने आदर्श के रूप में प्रस्तुत करेगा।

दीवान राम प्रकाश जैसे लोग इस बात का प्रमाण हैं कि अच्छाई अब भी ज़िंदा है —
बस ज़रूरत है उसे देखने, पहचानने और फैलाने की।