अनुज कुमार वर्मा
सिद्धि टुडे – उत्तर प्रदेश
पुरवा–मौरावां मार्ग पर प्राइवेट बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरकर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। बस संख्या UP 35 H 3699 में ओवरलोडिंग का फोटो और वीडियो सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग समय-समय पर ओवरलोडिंग के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाने का दावा करते हैं, लेकिन इसके बावजूद पुरवा–मौरावां मार्ग पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब एआरटीओ प्रवर्तन, परिवहन विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा नियमित जांच अभियान चलाए जाते हैं, तो आखिर संचालकों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?
क्षमता से अधिक सवारियां भरकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में डालना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी उन्नाव, पुलिस अधीक्षक उन्नाव, एआरटीओ प्रवर्तन उन्नाव, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करते हैं या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद केवल जांच और औपचारिकताएं ही देखने को मिलेंगी।
सवाल यह है कि चेकिंग अभियानों के बावजूद नियमों को ताक पर रखने वालों के हौसले आखिर किसके संरक्षण में बुलंद हैं?






























