कामिनी झा
सिद्धि संवाददाता- नई दिल्ली
ऋषि सतसंग भवन कर्वी, चित्रकूट में सोमवार को शस्त्र एवं शास्त्र के ज्ञाता भगवान परशुराम की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम अखिल भारत ब्राम्हण एकता परिषद द्वारा आयोजित किया गया जिसमे भगवान परशुराम जी के जीवन मूल्यों को अपनाने एवं आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
अर्चना उपाध्याय ने भगवान परशुराम को न्याय, अदम्य साहस और धर्म की स्थापना का प्रतीक बताया। साथ ही उन्होंने जाति पर आरक्षण खत्म कर गरीबी अमीरी पर आरक्षण देने की बात की उन्होंने अपने भाषण में कहा कि सामान्य वर्ग का छात्र 98% नंबर लाकर डॉक्टर नहीं बन पाता एवं – 40% वाले को सरकारी नियमों के अनुसार डॉक्टर बनाया जाता है यह समाज के लिए अत्यंत दुखदाई है उन्होंने कहा कि मैं किसी विशेष जाति वर्ग की बुराई नहीं कर रही परंतु जो वास्तव में शोषित वंचित है जो वास्तव में गरीब हैं वंचित है चाहे वह किसी भी जाती के हो उन्हें आरक्षण दिया जाए एवं समाज के मुख्य धारा में जोड़ा जाए तभी हमारा देश विश्व गुरु बनेगा
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान परशुराम का आशीर्वाद लिया।
डॉ स्मिता त्रिपाठी जी ने भगवान परशुराम जी के आदर्शों, जैसे न्याय, धर्म और साहस को अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।UGC क़ानून को देश को तोड़ने का क़ानून बताया इस आयोजन में चित्रकूट, अतर्रा बाँदा के अनेक गाँव के बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भक्तिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।






























