एडमिट कार्ड बवाल: खालसा कॉलेज चमरौली में शिक्षा विभाग की लापरवाही से 30 छात्रों का भविष्य अंधेरे में “जिससे शिक्षा की उम्मीद थी, वही नियम तोड़ गया — खालसा कॉलेज बना छात्रों की बर्बादी का गवाह”

0
329

अनुज कुमार वर्मा

ब्यूरो – सिद्धि टुडे, उन्नाव

उन्नाव। जिले के चमरौली स्थित खालसा कॉलेज में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रविवार को छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने एडमिट कार्ड वितरण में जानबूझकर देरी की, जिसके कारण लगभग 30 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। परीक्षा से कुछ दिन पहले ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मचा हुआ है।

सितंबर 2024 में D.El.Ed कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों का कहना है कि उन्होंने पूरी फीस जमा की, नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थिति दर्ज की, लेकिन परीक्षा से ऐन पहले उनके एडमिट कार्ड रोक दिए गए। छात्रों ने बताया कि रविवार को अचानक कॉलेज की ओर से एडमिट कार्ड बांटने की सूचना दी गई, जबकि यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो जानी चाहिए थी।

छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज में पारदर्शिता की कमी है और कुछ छात्रों को परीक्षा से वंचित रखने की साजिश रची गई है। कई छात्रों ने यह भी आशंका जताई कि परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की बातें कॉलेज परिसर में घूम रही हैं, जिससे पूरे सत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब एडमिट कार्ड वितरण जैसी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है, तो परीक्षा की विश्वसनीयता पर भरोसा कैसे किया जाए?

छात्र बोले
हमने पूरे साल मेहनत की, फीस भरी, हर निर्देश का पालन किया। अब परीक्षा से पहले कहा जा रहा है कि एडमिट कार्ड नहीं आया। ऊपर से पेपर लीक की चर्चा चल रही है। क्या हमारे सपने यूं ही रद्द हो जाएंगे?

 

कॉलेज प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, शिक्षा विभाग ने भी चुप्पी साध रखी है।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

सवाल यह है कि — जब छात्रों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी, तो कॉलेज और विभाग अपनी जिम्मेदारी से क्यों पीछे हट रहे हैं?
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि शिक्षा विभाग इस लापरवाही और पेपर लीक की आशंका पर क्या कार्रवाई करता है — या फिर खालसा कॉलेज, चमरौली एक और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बनेगा।