ओमी मिश्रा
सिद्धि संवाददाता – उन्नाव
कथा व्यास आचार्य श्री लंकेश जी महाराज ने विद्वान आचार्यों के साथ पूजन अर्चन और कलश यात्रा में शामिल हो कथा यज्ञ की शुरुआत करायी। सिविल लाइन स्थित श्री बालाजी मंदिर से ढोल तासे के साथ बड़ी संख्या में महिलाऐं, बालिकाऐं और श्रद्धालु पावन कलश यात्रा में शामिल हो कथा स्थल तक पहुंच कलश स्थापना की। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने यात्रा में शामिल हो अलौकिक कथा मंच पर, प्रथम दिवस के मुख्य यजमान व उन्नाव में गुरुकुल के सूत्रधार विजय त्रिपाठी के साथ पूजन में भाग लेकर आचार्य श्री लंकेश जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के मुख्य सेवक मनीष सिंह सेंगर ने कथा की भूमिका बताते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं का आवाहन रामायण जी की आरती के लिए किया। क्रमवार ढंग से स्थानीय सभासद राहुल कश्यप, शिवम मिश्रा, लक्ष्य निगम, शिवम तिवारी, शोभा पांडेय, साधना दीक्षित, सोनी अशोक शुक्ला, ममता सिंह, नीलम सिंह, मंजू शर्मा, अनामिका सिंह, ऐश्वर्या, पंकज मिश्रा, सत्यम पांडेय, शिवा दीक्षित, दीपक शर्मा, श्रेयांश समी वर्मा, शाश्वत त्रिवेदी आदि ने आरती में भाग लिया। राम कथा शुरु करने के पूर्व आचार्य श्री लंकेश जी ने भगवान शिव के कई कथानक प्रस्तुत किए। शिव जी और सती जी के बीच संवाद होता है जिसमे सती जी कहती हैं कि जब राम भगवान हैं तो वन वन क्यों अपनी पत्नी और भाई के साथ भटक रहे हैं। शिव जी के बार बार मना करने पर भी वन में सती जी श्रीराम जी की परीक्षा लेने सीता जी के वेश में पहुंच जाती है लेकिन सामने पहुंचते ही रामजी उन्हें प्रणाम करते हुए पूंछते हैं कि भोलेनाथ के बिना आज आप अकेले वन में, बड़े आश्चर्य की बात है। सती जी बड़ा सकुचाते हुए वहाँ से वापस हो जाती हैं और उनको श्रीराम जी के योगी रूप और ईश्वरीय स्वरूप का अंदाज़ा लग जाता है। आचार्य लंकेश ने उन्नाव वासियों का ज्यादा संख्या में सपरिवार कथा का अमृत पान करने के लिए आवाहन करते हुए बताया कि अगले दिन रामजन्म कथा का संगीतमय वर्णन होगा।































