सुमित राजपूत
सिद्धि संवाददाता, उन्नाव
“शीशों पर काली परत, ऊपर ‘पुलिस’ का लोगो — सड़कों पर रौब या नियमों को चुनौती?”
मंगलवार को उन्नाव शहर की सड़कों पर एक व्हाइट कलर की स्कॉर्पियो दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। गाड़ी पर गहरे रंग की ब्लैक फिल्म चढ़ी होने के कारण अंदर बैठे लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन में सवार तीन-चार युवक शहर के प्रमुख मार्गों पर तेज रफ्तार में घूमते नजर आए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहन सवार युवक अनावश्यक हॉर्न बजाते हुए और ऊंची आवाज में गाने चलाकर आमजन को असहज कर रहे थे। कुछ राहगीरों ने जब आपत्ति जताई तो कथित रूप से युवकों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
शहरवासियों का कहना है कि जब उच्चतम न्यायालय द्वारा वाहनों पर ब्लैक फिल्म प्रतिबंधित की जा चुकी है, तब भी इस तरह की गाड़ियां खुलेआम सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही हैं। इससे न केवल यातायात नियमों की अनदेखी झलकती है, बल्कि कानून के प्रति लापरवाही भी साफ दिखाई देती है।
लोगों में चर्चा रही कि “जब सड़कों पर रसूख का प्रदर्शन होने लगे तो नियम किताबों तक ही सीमित रह जाते हैं।” हालांकि इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि शहर में कानून व्यवस्था और यातायात अनुशासन बना रहे।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेता है और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।






























