लेखपाल संघ ने लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, 22 सितंबर से आंदोलन की चेतावनी

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सचिन कुमार

ब्यूरो प्रमुख- सिद्धि टुडे, उन्नाव

उन्नाव। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उपशाखा तहसील सदर, जनपद उन्नाव के पदाधिकारियों ने लेखपाल संवर्ग की विभिन्न लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर उन्नाव राजेश विश्वकर्मा माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में शासन एवं राजस्व परिषद स्तर पर लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की गई है। संघ ने मांगों पर प्रभावी कार्रवाई न होने की स्थिति में 22 सितंबर 2026 से आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी है। ज्ञापन पर दिनांक 19 सितंबर 2026 अंकित है।

ज्ञापन तहसील अध्यक्ष दीपचन्द एवं तहसील मंत्री दीपेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में दिया गया। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकांक्षा मिश्रा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, उपमंत्री उदयमान सिंह, कोषाध्यक्ष कुलदीप उपाध्याय तथा लेखा परीक्षक मनीष श्रीवास्तव सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

संघ ने ज्ञापन में कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की आधारशिला होते हुए भी लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति, अतिरिक्त कार्यभार तथा अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, किसान हितैषी कार्यक्रमों, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी भी लेखपालों पर है।

अंतरमंडलीय स्थानांतरण की मांग

ज्ञापन में अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की मांग की गई है। संघ के अनुसार वर्ष 2019 में करीब 650 लेखपालों का गृह मंडल में स्थानांतरण किया गया था। इसके बाद 16 मई 2025 को राजस्व परिषद का ऑनलाइन पोर्टल खोला गया था, जिसमें 2669 लेखपालों ने आवेदन किया, लेकिन उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।

संघ का कहना है कि वर्तमान में करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद एवं गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। ऐसे में ऑनलाइन पोर्टल पुनः खोलकर इच्छुक लेखपालों को गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर दिया जाए।

लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की मांग

लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने की मांग भी उठाई है। ज्ञापन में कहा गया कि चयन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की पदोन्नति सूचियां 28 अक्टूबर 2024 को जारी की जा चुकी हैं, जबकि चयन वर्ष 2025-26 के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की कार्रवाई 29 अप्रैल 2026 को पूरी होने के बावजूद अभी तक पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई है।

विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करने की मांग

संघ ने चयन वर्ष 2024 के नव नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र शीघ्र जारी करने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार प्रशिक्षण परीक्षा 13 सितंबर 2025 को संपन्न हो चुकी है, लेकिन करीब 12 माह बीतने के बाद भी सभी जनपदों को परिणाम उपलब्ध नहीं हो सका है।

भत्तों में बढ़ोतरी की मांग

लेखपालों ने वर्तमान भत्तों को बढ़ाने की मांग भी रखी है। ज्ञापन में स्टेशनरी भत्ता 3100 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि महंगाई और क्षेत्रीय कार्यों में होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि भत्तों में लंबे समय से अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।

अन्य मांगों को लेकर भी आवाज बुलंद

लेखपाल संघ ने भूलेख एवं अन्य सहायक पटलों से लेखपालों को अवमुक्त करने, ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था के बिना रोस्टर ड्यूटी नहीं लगाने, लेखपाल पद को टेक्निकल घोषित करने, आधुनिक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने तथा वेतन विसंगति दूर करने समेत अन्य मांगें भी ज्ञापन में शामिल की हैं।

संघ ने कहा कि यदि शासन और राजस्व परिषद स्तर से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 22 सितंबर से प्रदेश स्तर पर निर्धारित आंदोलनात्मक कार्यक्रम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसील अध्यक्ष दीपचन्द, तहसील मंत्री दीपेन्द्र तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकांक्षा मिश्रा, कनिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, उपमंत्री उदयमान सिंह, कोषाध्यक्ष कुलदीप उपाध्याय और लेखा परीक्षक मनीष श्रीवास्तव मौजूद रहे।