54 दिन बाद खुला सरैंया ओवरब्रिज, जाम के झाम से मिली बड़ी राहत; मरहला चौराहे से गंगा बैराज होकर कानपुर जाने का रास्ता हुआ सुगम

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सचिन कुमार
ब्यूरो- सिद्धि टुडे,उन्नाव

चार लेन का 1124 मीटर लंबा ओवरब्रिज चालू होने से हजारों राहगीरों को राहत, रेलवे क्रॉसिंग मार्ग पर वाहनों का दबाव हुआ कम; लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ आवागमन, हालांकि अभी कुछ काम बाकी

उन्नाव, 5 नवंबर। उन्नाव से कानपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए गुरुवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। पिछले 54 दिनों से बंद चल रहा सरैंया ओवरब्रिज आखिरकार वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया। ओवरब्रिज चालू होते ही मरहला चौराहे से गंगा बैराज होते हुए कानपुर जाने वाले राहगीरों को बड़ी राहत मिली। लंबे समय से जाम, वैकल्पिक रास्तों और अतिरिक्त दूरी की परेशानी झेल रहे लोगों ने राहत की सांस ली।

करीब पौने दो महीने से इस ओवरब्रिज के बंद रहने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, स्कूली वाहनों और कानपुर आने-जाने वाले अन्य यात्रियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही थीं। अब ओवरब्रिज खुलने से यातायात व्यवस्था के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।

चार लेन और 1124 मीटर लंबा है ओवरब्रिज

जानकारी के मुताबिक सरैंया ओवरब्रिज चार लेन का है और इसकी लंबाई करीब 1124 मीटर बताई गई है। इसके निर्माण पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख भी किया गया है। यह पुल उन्नाव और कानपुर के बीच आवागमन को सुगम बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

रेलवे क्रॉसिंग मार्ग पर पसरा सन्नाटा

ओवरब्रिज बंद होने के दौरान रेलवे क्रॉसिंग वाले वैकल्पिक मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया था। इस रास्ते से निकलने के लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता था। रेलवे फाटक बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ कानपुर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी होती थी।

अब सरैंया ओवरब्रिज चालू होने के बाद रेलवे क्रॉसिंग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही कम होने लगी है। तस्वीरों में भी एक तरफ ओवरब्रिज पर वाहनों का आवागमन और दूसरी तरफ रेलवे क्रॉसिंग मार्ग पर अपेक्षाकृत कम यातायात दिखाई दे रहा है।

अब कानपुर जाने में कम लगेगा समय

ओवरब्रिज खुलने का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिन्हें प्रतिदिन उन्नाव से कानपुर और कानपुर से उन्नाव आना-जाना पड़ता है। पहले वैकल्पिक मार्गों से गुजरने में अतिरिक्त समय लगता था। कई बार जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हो जाती थी।

अब मरहला चौराहे से गंगा बैराज होते हुए कानपुर जाने वाले वाहन सीधे ओवरब्रिज का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे यात्रा का समय कम होने के साथ ईंधन की बचत होने की भी उम्मीद है।

54 दिनों तक यातायात व्यवस्था से जूझते रहे लोग

ओवरब्रिज बंद रहने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं था। आसपास के क्षेत्र के दुकानदारों, स्थानीय निवासियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही थी। वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होता था।

विशेषकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में लोगों को जाम का सामना करना पड़ता था। छोटे वाहन चालकों से लेकर भारी वाहनों तक को रास्ता बदलकर निकलना पड़ता था।

ओवरब्रिज खुला, लेकिन कुछ काम अभी भी बाकी

ओवरब्रिज से जुड़े कुछ कार्य अभी बाकी होने का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद शेष कार्यों को जल्द पूरा करना जरूरी होगा, ताकि राहगीरों को भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्थानीय लोगों को बड़ी राहत

54 दिनों के लंबे इंतजार के बाद सरैंया ओवरब्रिज खुलने से उन्नाव-कानपुर मार्ग पर सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। अब लोगों को उम्मीद है कि इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी और रेलवे क्रॉसिंग के आसपास लगने वाले जाम से भी काफी हद तक छुटकारा मिलेगा।

कुल मिलाकर सरैंया ओवरब्रिज का खुलना उन्नाव और कानपुर के बीच आवागमन के लिए महत्वपूर्ण राहत है। 54 दिनों की परेशानी के बाद शुरू हुआ यह रास्ता हजारों दैनिक यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत में मददगार साबित