चोरी की बाइक से एटा में 56 लाख की लूट, उन्नाव में FIR दर्ज करने में देरी पर चौकी प्रभारी जिला अस्पताल परिसर से चोरी हुई थी अपाचे बाइक, तीन दिन तक मुकदमा दर्ज न होने पर उठे सवाल; एसपी ने दिए विभागीय जांच के आदेश

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सचिन कुमार
ब्यूरो – सिद्धि टुडे, उन्नाव

उन्नाव। जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। उन्नाव के जिला अस्पताल परिसर से चोरी हुई एक अपाचे बाइक का इस्तेमाल एटा जिले में सराफा कारोबारी से करीब 56 लाख रुपये के आभूषण और नकदी लूटने की वारदात में किए जाने की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि बाइक चोरी होने के बाद शिकायत दिए जाने के बावजूद कथित तौर पर तीन दिन तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने जिला अस्पताल चौकी प्रभारी अंजनी सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

जिला अस्पताल परिसर से चोरी हुई थी बाइक

जानकारी के मुताबिक, उन्नाव की सदर कोतवाली क्षेत्र के इंद्रानगर मोहल्ला निवासी निकेत चौधरी की अपाचे बाइक 21 अक्टूबर को जिला अस्पताल परिसर से चोरी हो गई थी। बाइक चोरी होने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।

पीड़ित का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इस दौरान बाइक की तलाश और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठने लगे। बाद में जब चोरी हुई बाइक का संबंध एटा में हुई लूट की घटना से सामने आया, तब उन्नाव पुलिस ने बाइक चोरी का मुकदमा दर्ज किया।

एटा में सराफा कारोबारी से 56 लाख की लूट

दूसरी ओर, एटा जिले के अलीगंज क्षेत्र में 22 अक्टूबर की शाम सराफा कारोबारी संजय यादव और उनके भतीजे के साथ लूट की वारदात हुई थी। बताया गया कि संजय यादव की अलीगंज के मेवाती मोहल्ले में मां सरस्वती ज्वेलर्स के नाम से दुकान है।

दुकान बंद करने के बाद संजय यादव अपने भतीजे के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान अलीगंज-अचरा मार्ग पर किनौड़ी कट के पास अपाचे बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने कथित तौर पर उनकी बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया।

आरोप है कि इसके बाद बदमाशों ने तमंचे के बल पर चाचा-भतीजे को धमकाया और आभूषणों तथा नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।

बैग में 10 किलो चांदी और 250 ग्राम सोना होने का दावा

सराफा कारोबारी के मुताबिक, लूटे गए बैग में करीब 10 किलोग्राम चांदी, 250 ग्राम सोने के आभूषण और एक लाख रुपये नकद रखे थे। कारोबारी ने लूटे गए सामान की कुल कीमत लगभग 56 लाख रुपये बताई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एटा पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की मदद से वारदात में इस्तेमाल की गई अपाचे बाइक की पहचान की गई। इसके बाद बाइक के उन्नाव से चोरी होने की जानकारी सामने आई।

एटा पुलिस की ओर से बाइक के संबंध में जानकारी जुटाए जाने के बाद उन्नाव के बाइक मालिक निकेत चौधरी से संपर्क किया गया। इस घटनाक्रम के सामने आने पर बाइक चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की कार्रवाई हुई।

तीन दिन तक FIR दर्ज न होने पर उठे सवाल

इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल बाइक चोरी की शिकायत पर समय से कार्रवाई नहीं होने को लेकर उठ रहा है। पीड़ित के अनुसार, बाइक चोरी होने के बाद शिकायत देने के बावजूद तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

यदि शिकायत मिलने के बाद समय रहते प्राथमिकी दर्ज कर बाइक की तलाश शुरू की गई होती, तो जांच की प्रक्रिया पहले शुरू हो सकती थी। हालांकि, समय पर कार्रवाई होने से एटा की लूट की घटना को निश्चित रूप से रोका जा सकता था या नहीं, यह जांच के बिना कहना संभव नहीं है।

इस मामले ने पुलिस थानों और चौकियों में चोरी जैसी घटनाओं की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई तथा प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

चौकी प्रभारी अंजनी सिंह निलंबित

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने जिला अस्पताल चौकी प्रभारी अंजनी सिंह को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, बाइक चोरी के मामले में कार्रवाई में देरी और संभावित लापरवाही की जांच कराई जाएगी।

विभागीय जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि शिकायत मिलने के बाद तत्काल प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई और इस दौरान संबंधित स्तर पर क्या कार्रवाई हुई। जांच में जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

दोनों जिलों की पुलिस जांच में जुटी

एटा में सराफा कारोबारी से हुई लूट और उन्नाव से चोरी हुई बाइक के बीच संबंध सामने आने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है। एटा पुलिस लूट की वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है, जबकि उन्नाव पुलिस बाइक चोरी के मामले में कार्रवाई कर रही है।

फिलहाल, इस प्रकरण में बाइक चोरी की शिकायत पर हुई देरी और लूट की घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की बाइक किन परिस्थितियों में बदमाशों तक पहुंची और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।