सचिन कुमार
ब्यूरो प्रमुख- सिद्धि टुडे,उन्नाव
धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड को लेकर सोमवार को सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में ग्रामीण भी सड़क पर उतर आए। हाथों में तख्तियां और जुबान पर न्याय की मांग लिए पहुंचे ग्रामीणों में घटना को लेकर खासा आक्रोश नजर आया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ लगातार यही सवाल उठाती रही कि आखिर धीरेंद्र की हत्या के पीछे कौन लोग थे और पुलिस की जांच मुख्य साजिशकर्ता तक कब पहुंचेगी।
परिजनों के साथ पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि यह केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सम्मान और न्याय की लड़ाई है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की हत्या की साजिश पहले से रची गई थी तो इसकी तह तक जाना जरूरी है। केवल कुछ लोगों की गिरफ्तारी कर जांच को खत्म नहीं किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान माहौल कई बार बेहद भावुक और तनावपूर्ण हो गया। परिजन लगातार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और CBI जांच की मांग करते रहे। ग्रामीणों ने भी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि जब तक हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश नहीं होता, तब तक उनका आक्रोश शांत नहीं होगा।
परिजनों की दो टूक- ‘हमें सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरा सच चाहिए’
धीरेंद्र के परिजनों का आक्रोश साफ दिखाई दिया। उनका कहना था कि परिवार ने अपना सदस्य खोया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि हत्या की पूरी योजना किसने बनाई और उसके पीछे कौन लोग थे।
परिजनों ने कहा कि “हमें सिर्फ यह नहीं जानना कि गोली किसने चलाई, हमें यह जानना है कि हत्या की सुपारी किसने दी, पैसा किसने लगाया और पूरी साजिश के पीछे कौन था।”
परिजनों ने आरोप लगाया कि जब तक हत्या की पूरी कड़ी सामने नहीं आती, तब तक उन्हें न्याय मिलने का एहसास नहीं होगा। उनका कहना था कि जांच में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।
हजारों ग्रामीणों का सवाल- आखिर मुख्य साजिशकर्ता कब पकड़ा जाएगा?
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से कई सवाल किए। ग्रामीणों का कहना था कि यदि हत्या पूर्व नियोजित थी तो इसकी तैयारी कई स्तर पर हुई होगी। ऐसे में जांच सिर्फ घटनास्थल, शूटर या वाहन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की कि हत्या से पहले की गतिविधियों, मोबाइल लोकेशन, आर्थिक लेनदेन, जमीन विवाद, संदिग्ध संपर्कों और घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियों की भी गहन जांच हो।
भीड़ में मौजूद लोगों का कहना था कि “अगर जांच निष्पक्ष है तो साजिश की आखिरी कड़ी तक पहुंचने में किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए।”
‘धीरेंद्र को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और बड़ा होगा’
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों में यह चेतावनी भी सुनाई दी कि यदि जांच को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन को परिवार की मांग को गंभीरता से लेना चाहिए और ऐसी जांच होनी चाहिए जिससे किसी निर्दोष को फंसाए बिना असली दोषियों तक पहुंचा जा सके।
परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश इस बात को लेकर भी था कि हत्या जैसे गंभीर मामले में केवल गिरफ्तारी को उपलब्धि मानकर जांच समाप्त नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना था कि “गिरफ्तारी पहली कार्रवाई है, न्याय की आखिरी मंजिल नहीं।”
SDM के आश्वासन पर शांत हुआ आक्रोश, खत्म नहीं हुई नाराजगी
प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे SDM ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन फिलहाल समाप्त हो गया। हालांकि भीड़ के तेवर से साफ था कि नाराजगी अभी खत्म नहीं हुई है।
परिजनों ने अधिकारियों से कहा कि वे आश्वासन के बजाय जांच में ठोस नतीजा चाहते हैं। ग्रामीणों ने भी स्पष्ट किया कि यदि मुख्य साजिशकर्ता तक जांच नहीं पहुंची तो वे दोबारा सड़क पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।
फिलहाल SDM के आश्वासन के बाद प्रदर्शन थम गया है, लेकिन धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड में उठे सवाल अब पहले से ज्यादा मुखर हो गए हैं। परिवार और ग्रामीणों की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित रहती है या हत्या की कथित पूरी साजिश और उसके अंतिम सूत्रधार तक पहुंचती है।






























