सचिन कुमार
ब्यूरो प्रमुख-सिद्धि टुडे, उन्नाव
4 अक्टूबर की रात तक जारी बाढ़ का असर; 3 अक्टूबर की शाम शुक्लागंज में 113.08 मीटर दर्ज हुआ था जलस्तर, खेत जलमग्न और संपर्क मार्ग प्रभावित
उन्नाव। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर उन्नाव के तटीय और कटरी इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 113.07 मीटर तक पहुंचने के बाद नदी का पानी निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है। ताजा रिपोर्ट में शुक्लागंज का जलस्तर 113.08 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। प्रशासन ने गंगा किनारे बसे कटरी गांवों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
इन गांवों के किनारे तक पहुंचा पानी
सदर तहसील क्षेत्र में माना बंगला, बाबू बंगला, चंडी बंगला, देवीपुरवा, पनपथा और कोलवा गांवों के किनारे तक गंगा का पानी पहुंच गया है। माना बंगला में गांव के किनारे बने मकानों और दुकानों के पास तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ गई है। इन गांवों के आसपास खेतों में लगी सब्जियों की फसलें भी पानी में डूबकर खराब होने लगी हैं।
शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग फिर कटा
फतेहपुर चौरासी क्षेत्र में गंगा की बाढ़ के चलते शिवराजपुर-कालीमिट्टी मार्ग एक बार फिर कट गया है। मार्ग के कटने से पूर्वी क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों के अनुसार यदि पानी का बहाव नहीं रुका तो नयाबंगला हिंदूपुर, हिंदूपुर, अर्जुनपुर, दबौली, खैरी और पाल्हेपुर समेत आसपास के गांव प्रभावित हो सकते हैं। पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर पहुंचकर बालू की बोरियों के जरिए पानी का बहाव रोकने का प्रयास कर रही है।
कोलवा से हयासपुर तक फसलें जलमग्न
कल्याणी नदी के बढ़े जलस्तर का असर भी कई गांवों में दिखाई दे रहा है। कोलवा, देवीखेड़ा, महमदपुर, अमिलिहा, ख्वाजगीपुर और हयासपुर समेत आसपास के गांवों में खेतों में पानी भर गया है। इससे मक्का, मूंगफली, तिल्ली, उड़द और धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।
चकलवंशी क्षेत्र के गांव भी बाढ़ की चपेट में
सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के मोहद्दीनपुर, करीमाबाद, चंदनखेड़ा, उम्मेदखेड़ा और प्यारेपुर गांवों में भी गंगा का पानी पहुंचने से परेशानी बढ़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछला पानी अभी खेतों से पूरी तरह निकला भी नहीं था कि दोबारा जलस्तर बढ़ गया।
सड़क पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भी दूर जाना पड़ रहा है।
सई नदी ने भी बढ़ाई मुश्किल
असोहा क्षेत्र में सई नदी के बढ़ते जलस्तर ने भी कई गांवों को प्रभावित किया है। पथरहा, कोटवा, धन्नीखेड़ा, गोरिंदा, सेरैया प्राचीन, गोमापुर, भाऊमऊ, सेमरी, निमैचा, बिलौरा, मझरिया, जबरेला और उतरौरा गांवों के खेतों में पानी भरने से फसलें डूब गई हैं।
असोहा-नयाखेड़ा मार्ग पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। बिलौरा, चौपई, मझरिया, पहाड़पुर, गोमापुर, चिलौली, दरेहटा और ओगरापुर ग्राम पंचायतों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
नवाबगंज के इन गांवों में भी पहुंचा पानी
बसहा और जलेसर झीलों का जलस्तर बढ़ने से नवाबगंज क्षेत्र के भितरेपार, शिवसढ़, खजूर, परसंदन, हरचंदपुर, दुंदपुर, सेरसा और पिड़हरी गांव प्रभावित हुए हैं।
कई गांवों को मुख्य बाजार से जोड़ने वाले रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने अधिक प्रभावित भितरेपार, हरचंदपुर और दुंदपुर गांवों में नावों की व्यवस्था की है।
गंजमुरादाबाद के 22 गांवों में भी संकट
कल्याणी नदी के उफान से गंजमुरादाबाद क्षेत्र के कई गांव लंबे समय से जलभराव से जूझ रहे हैं। इनमें बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, लोनारी, देवरिया, लहरापुर, चोरहा, बिरैचामऊ, छोट्टापुरवा, फतेहपुर हामजा, करियापुरवा, फतेहपुर खालसा, भिलोई, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, चिंगरपुरवा, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा और तकिया समेत 22 गांव शामिल हैं। इन गांवों के खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण फसलें खराब होने की आशंका है।
ऐरा भदियार बिजली उपकेंद्र में भी पहुंच चुका पानी
बाढ़ का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ऐरा भदियार बिजली उपकेंद्र परिसर में पानी भर चुका है। प्रशासन और बिजली विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि यदि पानी उपकरणों तक पहुंचा तो बड़ी संख्या में गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
गंगा और सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है। खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण सब्जियों, धान, उड़द, मूंग, मक्का और अन्य फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। कई जगह संपर्क मार्गों पर पानी आने से ग्रामीणों को बाजार, स्कूल और ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
प्रशासन की नजर जलस्तर पर
प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों का दौरा कर जलस्तर और फसल नुकसान का जायजा ले रही हैं। ग्रामीणों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने और बच्चों व बुजुर्गों को सुरक्षित रखने की अपील की गई है।
शुक्लागंज में गंगा के चेतावनी स्तर पार करने के बाद कटरी गांवों के लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने किसी भी परेशानी की स्थिति में बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचना देने को कहा है।
अभी भी खतरा टला नहीं
गंगा का पानी बढ़ने से उन्नाव के तटीय गांवों में लोगों की निगाह अब जलस्तर पर टिकी है। खेतों के बाद पानी यदि आबादी की ओर बढ़ता है तो ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन के सामने फिलहाल प्रभावित गांवों में आवागमन, पशुओं के चारे, पेयजल और राहत व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।






























